Guru Tegh Bahadur Shaheedi Diwas 2025: दिल्ली–एनसीआर में छुट्टी, स्कूल–कॉलेज बंद, श्रद्धा और सुरक्षा के बीच खास तैयारियां

Guru Tegh Bahadur Shaheedi Diwas 2025: दिल्ली–एनसीआर में छुट्टी, स्कूल–कॉलेज बंद, श्रद्धा और सुरक्षा के बीच खास तैयारियां

Guru Tegh Bahadur Shaheedi Diwas 2025: दिल्ली–एनसीआर में आज कैसा रहेगा दिन?

आज दिल्ली–एनसीआर में सुबह से ही माहौल कुछ अलग है – स्कूल–कॉलेज बंद हैं, सड़कों पर ट्रैफिक थोड़ा कम दिख रहा है और गुरुद्वारों की तरफ से कीर्तन, पाठ और श्रद्धांजलि सभाओं की तैयारियां जोरों पर हैं। वजह है Guru Tegh Bahadur Shaheedi Diwas 2025, जिसे इस बार 350वें शहादत वर्ष के रूप में और भी विशेष तौर पर मनाया जा रहा है।

दिल्ली सरकार ने 25 नवंबर 2025 को इस अवसर पर public holiday घोषित किया है। इसका सीधा मतलब – अधिकतर सरकारी दफ्तर, स्कूल, कॉलेज और कई निजी संस्थान आज बंद रहेंगे। आसपास के NCR इलाकों – नोएडा, गाज़ियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद – में भी स्कूल बंद या आंशिक रूप से बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं, जिससे छात्रों और टीचर्स को भी इस ऐतिहासिक दिन को श्रद्धा और शांति के साथ मनाने का मौका मिल सके।

क्यों खास है 25 नवंबर 2025? 350वां शहादत वर्ष

Guru Tegh Bahadur जी की शहादत 1675 में दिल्ली के चांदनी चौक में हुई थी। धर्म और अंतरात्मा की आज़ादी के लिए उन्होंने अपना बलिदान दिया, इसी वजह से उन्हें “हिंद दी चादर” कहा जाता है – यानी हिंदुस्तान की ढाल। हर वर्ष 24 नवंबर को शहादत दिवस के रूप में याद किया जाता है, लेकिन इस बार 25 नवंबर 2025 को दिल्ली सरकार ने 350वें वर्ष की विशेष स्मृति के तौर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है।

सरकार की ओर से यह संदेश दिया गया है कि यह दिन सिर्फ छुट्टी के लिए नहीं, बल्कि Guru Tegh Bahadur जी की शिक्षाओं, साहस और धार्मिक स्वतंत्रता के संदेश को याद करने के लिए समर्पित है। राजधानी और एनसीआर में कई जगहों पर गुरुद्वारों, सामाजिक संगठनों और स्कूलों की ओर से खास कार्यक्रम रखे गए हैं।

दिल्ली–एनसीआर में कहां–कहां छुट्टी?

दिल्ली: राज्य सरकार ने 25 नवंबर को सरकारी छुट्टी घोषित की है। सभी सरकारी दफ्तर, सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूल, MCD, NDMC और दिल्ली कैंट बोर्ड के स्कूल आज बंद रहेंगे। ज्यादातर प्राइवेट स्कूलों ने भी इसी नोटिफिकेशन के अनुसार आज क्लासेस बंद रखी हैं या online/self-study mode अपनाया है।

नोएडा और गाज़ियाबाद (यूपी एनसीआर): मीडिया रिपोर्ट्स और जिला आदेशों के मुताबिक, Guru Tegh Bahadur Shaheedi Diwas के सम्मान में यहां भी स्कूल और कई कॉलेज आज बंद हैं। कुछ higher education संस्थान पहले से तय online classes या exam schedule के अनुसार काम कर सकते हैं, इसलिए छात्रों को अपने कॉलेज की वेबसाइट या नोटिस देखना जरूरी है।

गुरुग्राम और फरीदाबाद (हरियाणा एनसीआर): यहां कई जगह 24 नवंबर को और कुछ संस्थान 25 नवंबर को अवकाश दे रहे हैं। 2025 में दो दिनों के बीच holiday confusion को देखते हुए जिलों ने अपने-अपने छुट्टी कैलेंडर जारी किए हैं, लेकिन NCR की बड़ी majority के लिए आज स्कूल हॉलिडे है।

स्कूल–कॉलेज बंद: छात्रों और अभिभावकों के लिए क्या मतलब?

जिन छात्रों के लिए आज का दिन छुट्टी है, उनके लिए यह सिर्फ आराम का दिन नहीं, बल्कि इतिहास को थोड़ा और गहराई से जानने का मौका भी है। कई स्कूलों ने पहले से ही 23–24 नवंबर को special assemblies रखकर Guru Tegh Bahadur जी की कहानी, उनकी शहादत और “धर्म की रक्षा” के संदेश पर बातें की थीं।

कई जगहों पर ऑनलाइन असाइनमेंट या प्रोजेक्ट भी दिए गए हैं – जैसे शहादत दिवस पर लेख लिखना, पोस्टर बनाना, या परिवार के साथ किसी गुरुद्वारे में जाकर seva में हिस्सा लेना। दिल्ली–एनसीआर के कुछ स्कूलों ने छात्रों को encourage किया है कि वे आज कम से कम एक घंटा family के साथ बैठकर इस दिन के महत्व पर चर्चा करें।

दिल्ली में कार्यक्रम: लाल किले से गुरुद्वारों तक

दिल्ली सरकार और सिख संगठनों की ओर से इस बार लाल किला परिसर में 23–25 नवंबर के बीच तीन दिन का विशेष कार्यक्रम रखा गया है – जिसमें light and sound show, कीर्तन दरबार, ऐतिहासिक झांकी और प्रेरणादायक भाषणों का आयोजन हो रहा है। हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद के चलते सुरक्षा एजेंसियों ने आसपास कड़ी निगरानी की व्यवस्था की है।

इसके अलावा गुरुद्वारा सीस गंज साहिब (चांदनी चौक), गुरुद्वारा बंगला साहिब, रकाब गंज साहिब, नਾਨਕ प्याऊ और अन्य प्रमुख गुरुद्वारों में आज सुबह से ही अखंड पाठ, कीर्तन, अरदास और लंगर सेवा जारी है। दिल्ली–एनसीआर के सिख और गैर-सिख दोनों समुदायों के लोग इन कार्यक्रमों में बड़े स्तर पर शामिल होते हैं, जो गुरु की सार्वभौमिक शिक्षाओं को दर्शाता है।

ट्रैफिक और सुरक्षा: यात्रियों के लिए ज़रूरी जानकारी

आज लाल किला, चांदनी चौक, किसान गांधी मार्ग, संसद मार्ग और सेंट्रल दिल्ली के कुछ हिस्सों में सुरक्षा बढ़ाई गई है। कई सड़कों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किए गए हैं, खासकर लाल किला और सीस गंज साहिब के आसपास, ताकि भीड़ और VIP मूवमेंट को manage किया जा सके।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने advisory जारी कर लोगों से अपील की है कि वे मेट्रो और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को प्राथमिकता दें, और जिन इलाकों में भारी भीड़ का अनुमान है वहां गाड़ी लेकर जाने से बचें। नोएडा–दिल्ली, गाज़ियाबाद–दिल्ली और गुरुग्राम–दिल्ली रूट पर भी peak hours में हल्का extra travel time possible है।

Guru Tegh Bahadur जी की शहादत: क्यों कहा जाता है “हिंद दी चादर”?

Guru Tegh Bahadur जी सिखों के नौवें गुरु थे, जिन्होंने औरंगज़ेब के दौर में कश्मीरी पंडितों और अन्य हिंदुओं पर हो रहे जबरन धर्म परिवर्तन के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी इंसान को उसकी इच्छा के खिलाफ धर्म बदलने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता – यही असल religious freedom है।

जब कश्मीरी पंडितों ने उनकी शरण ली, तो गुरु साहिब दरबार में उठे और स्वयं अपना बलिदान देने का निर्णय किया। गिरफ्तारी, यातना और समझौतों के प्रस्तावों के बावजूद उन्होंने अपने सिद्धांत नहीं छोड़े और अंततः चांदनी चौक में 1675 में उनका publicly शिरच्छेद कर दिया गया। यह शायद दुनिया का पहला documented उदाहरण है, जब किसी ने दूसरे धर्म की रक्षा के लिए अपना जीवन बलिदान किया हो।

श्रद्धा सभा और सेवा का महत्व: दिन को कैसे मनाएं?

शहादत दिवस को केवल शोक के रूप में नहीं, बल्कि साहस और इंसानियत के प्रतीक के रूप में भी देखा जाता है। आज के दिन कई परिवार गुरुद्वारा जाकर अरदास करते हैं, सेवादार के रूप में लंगर में मदद करते हैं या जरूरतमंदों में कंबल, कपड़े, खाना बांटते हैं।

कई जगहों पर inter-faith dialogue, seminar और इतिहास पर talks भी रखे जाते हैं, जिनमें विभिन्न धर्मों के विद्वान एक साथ बैठकर religious tolerance, constitutional freedom of religion और social harmony पर बात करते हैं। सोशल मीडिया पर भी #GuruTeghBahadur और #ShaheediDiwas हैशटैग के साथ संदेश, quotes और short videos खूब शेयर किए जा रहे हैं।

छुट्टी का सही इस्तेमाल: बच्चों और युवाओं के लिए छोटा सुझाव

आज की छुट्टी को सिर्फ “मिड‑वीक ब्रेक” मानकर सोकर या web series देखते हुए निकाल देना शायद इस दिन के मूल भाव के साथ न्याय नहीं करेगा। अगर घर में बच्चे हैं, तो उन्हें कम से कम 10–15 मिनट में Guru Tegh Bahadur जी की कहानी, “हिंद दी चादर” का मतलब और religious freedom की अहमियत ज़रूर समझाएं।

स्कूल–कॉलेज level पर यह दिन civics, history और ethics की practical class जैसा हो सकता है – संविधान की धारा 25, धार्मिक स्वतंत्रता और minority rights जैसी चीज़ें भी सीधे इसी sacrifice से जुड़ती हैं। बहुत से युवा आज social media पर awareness पोस्ट बनाकर या short explainer वीडियो बना कर इस दिन की significance अपने दोस्तों तक पहुंचा रहे हैं।

राज्यों में छुट्टी का पैटर्न: कहां क्या स्थिति?

राज्य / क्षेत्र25 नवंबर 2025 की स्थितिमुख्य पॉइंट
दिल्लीPublic Holidayसरकारी दफ्तर, स्कूल–कॉलेज बंद; बड़े कार्यक्रम, खासकर लाल किले पर
एनसीआर – नोएडा, गाज़ियाबादअधिकांश स्कूल बंदजिला आदेश अनुसार स्कूल–कॉलेज holiday; local नोटिस देखना ज़रूरी
गुरुग्राम, फरीदाबादHoliday pattern अलग–अलगकुछ जगह 24, कुछ 25 को छुट्टी; state/district circular पर निर्भर
पंजाब, हरियाणाआमतौर पर 24 नवंबर को अवकाशशहादत दिवस पर state‑wise school/office holiday, गुरुद्वारों में बड़े कार्यक्रम
चंडीगढ़, उत्तराखंड, यूपी के अन्य शहरकई संस्थान बंदholiday अक्सर educational institutions तक सीमित; state circular देखें

निष्कर्ष: छुट्टी से आगे बढ़कर, याद रखने का दिन

Guru Tegh Bahadur Shaheedi Diwas 2025 का holiday कैलेंडर भले state‑to‑state अलग दिखे, लेकिन underlying संदेश पूरे देश के लिए एक जैसा है – धर्म की स्वतंत्रता, अन्याय के खिलाफ खड़े होने का साहस और इंसानियत की रक्षा। दिल्ली–एनसीआर में आज की छुट्टी इसीलिए दी गई है कि लोग सिर्फ आराम नहीं, बल्कि थोड़ी देर रुककर इस इतिहास को याद भी कर सकें।

अगर आप दिल्ली–एनसीआर में हैं, तो आज का दिन traffic से थोड़ी राहत, परिवार के साथ समय और किसी नज़दीकी गुरुद्वारे या श्रद्धा सभा तक एक छोटी सी यात्रा के लिए ideal है। वहीं, जो लोग घर पर हैं, वे भी एक छोटी अरदास, कुछ अच्छे शब्दों की reading या बच्चों के साथ discussion के जरिए Guru Tegh Bahadur जी के बलिदान को अपने तरीके से नमन कर सकते हैं – यही इस छुट्टी की असली spirit है।