प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना 2025: पक्के घर पर और ज्यादा मदद, किन्हें मिलेगा फायदा और कैसे

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना 2025: पक्के घर पर और ज्यादा मदद, किन्हें मिलेगा फायदा और कैसे

क्या बदला है 2025 में

केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण (PMAY-G) को 2024-25 से 2028-29 तक जारी रखते हुए 2 करोड़ अतिरिक्त पक्के घर बनाने का लक्ष्य मंजूर किया है, जिससे अब कुल समेकित लक्ष्य 4.95 करोड़ घर तक पहुंच गया है और डिलीवरी में तेजी लाई जा रही है। यह विस्तार ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ के उद्देश्य के तहत है, ताकि कच्चे/जर्जर घरों में रहने वाले ग्रामीण परिवारों को आधारभूत सुविधाओं वाला पक्का घर मिल सके।

सहायता कितनी मिलती है

PMAY-G के अंतर्गत यूनिट सहायता सामान्यतः समतल क्षेत्रों में प्रति घर ₹1.20 लाख और पर्वतीय/उत्तरी-पूर्वी राज्यों व जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में प्रति घर ₹1.30 लाख है; इसके साथ मनरेगा से 90/95 पर्सन-डेज मज़दूरी समर्थन और स्वच्छ जल, बिजली, LPG, सोलर आदि योजनाओं के अभिसरण का लाभ भी दिया जाता है। ब्याज-सहायता/टॉप-अप और राज्य-स्तरीय अतिरिक्त अनुदान संबंधित राज्य नीतियों पर निर्भर है, जिससे प्रभावी सहायता कई जगह बढ़ जाती है।

किसे मिलेगा फायदा

लाभार्थी चयन SECC 2011 के आवास वंचना मानकों और अंतिम Awaas+ सर्वे सूची के आधार पर होता है, जिनमें बेघरों, कच्चे/जर्जर घरों में रहने वालों और सामाजिक रूप से वंचित परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है। 2025 तक योजना में 4.12 करोड़ घर राज्यों/के लिए आवंटित, 3.85 करोड़ स्वीकृत और 2.83 करोड़ से अधिक घर पूरे हो चुके हैं, जिससे प्रतीक्षित लाभार्थियों को तेजी से कवर किया जा रहा है।

क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी

पक्का घर न्यूनतम निर्धारित प्लिंथ एरिया, रहने के कमरे, रसोई की सुविधा और स्वच्छता सहित बेसिक यूटिलिटीज के अभिसरण के साथ बनाया जाता है। भुगतान सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खाते में किस्तों में होता है और निर्माण प्रगति की जियो-टैग्ड मॉनिटरिंग की जाती है, जिससे पारदर्शिता और समयबद्धता बनी रहती है।

  • समतल क्षेत्र: ₹1.20 लाख प्रति यूनिट
  • पर्वतीय/NE/JK/लद्दाख: ₹1.30 लाख प्रति यूनिट
  • मनरेगा: 90/95 पर्सन-डेज मजदूरी समर्थन

आवेदन और सूची में नाम

PMAY-G में अलग से व्यक्तिगत ऑनलाइन आवेदन सामान्य प्रचलन नहीं है; पात्रता ग्राम पंचायत स्तर पर सर्वे और सत्यापन से तय होती है। आवास-प्लस/SECC सूची में नाम की जांच के लिए जिला/ब्लॉक/ग्राम पंचायत कार्यालय और आधिकारिक सूचियों का संदर्भ लिया जाता है; नाम छूटने पर ग्राम स्तर पर दावा/आपत्ति की प्रक्रिया उपलब्ध होती है।

किस्तें कैसे मिलती हैं

स्वीकृति के बाद निर्माण की अलग-अलग अवस्थाओं—नींव, लिंटल/छत और पूर्णता—पर किस्तें जारी की जाती हैं। समय पर निर्माण हेतु टेक्निकल गाइडेंस, मैटेरियल सप्लाई में सहायता और डिज़ाइन-कैटलॉग भी उपलब्ध कराए जाते हैं, ताकि गुणवत्ता और सुरक्षा मानक बने रहें।

  • DBT से आधार-लिंक्ड खाते में भुगतान
  • जियो-टैग्ड निरीक्षण और फोटो सबूत
  • कम्प्लायंस पर अगली किस्त निर्भर

2025 का फोकस

2025 में लक्ष्य स्वीकृत लेकिन लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण, नए पात्र परिवारों का समावेश और राज्य-वार आवंटन की गति बढ़ाने पर है। मंत्रालय ने मासिक आधार पर लक्ष्यों की निगरानी और लंबित 10 लाख से अधिक स्वीकृतियों के शीघ्र निष्पादन पर जोर दिया है, ताकि मौसम-खिड़कियों का पूरा उपयोग हो सके।

घटकविवरण
नया लक्ष्य (2024-29)2 करोड़ अतिरिक्त ग्रामीण घर
यूनिट सहायता₹1.20 लाख (समतल) / ₹1.30 लाख (पर्वतीय/NE/JK/लद्दाख)
मजदूरी समर्थनमनरेगा के तहत 90/95 पर्सन-डेज
लाभार्थी चयनSECC 2011 + Awaas+ सूची, ग्राम सत्यापन
स्थिति (अगस्त 2025)4.12 करोड़ आवंटन, 3.85 करोड़ स्वीकृत, 2.83 करोड़ पूर्ण

ज़रूरी सुझाव

ग्राम पंचायत में अपना नाम सूची में सत्यापित करें, आधार-लिंक्ड बैंक खाता सक्रिय रखें और निर्माण शुरू करने से पहले स्वीकृत डिज़ाइन/मैटेरियल मानक देखें। राज्य की अतिरिक्त मदद/टॉप-अप और शौचालय, जल, बिजली जैसी अभिसरित योजनाओं के लिए अलग आवेदन/पंजीकरण शर्तें जान लें, ताकि कुल लाभ अधिकतम मिल सके।

निष्कर्ष

PMAY-G 2025 में लक्ष्य विस्तार और अभिसरण से प्रभावी सहायता बढ़ी है, जिससे अधिक परिवार समय पर पक्का घर प्राप्त कर सकेंगे। पारदर्शी सूची, DBT किस्तें और तकनीकी मानकों के साथ यह योजना ग्रामीण जीवन-स्तर को स्थायी रूप से सुधारने की दिशा में निर्णायक कदम साबित हो रही है।