गांवों में डिजिटल शिक्षा: 2025 से फ्री टैबलेट और इंटरनेट, कैसे मिलेगा फायदा

गांवों में डिजिटल शिक्षा: 2025 से फ्री टैबलेट और इंटरनेट, कैसे मिलेगा फायदा

क्या है नई पहल

2025 में ग्रामीण भारत की डिजिटल शिक्षा को गति देने के लिए फ्री टैबलेट और हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्शन देने की नई पहल शुरू की जा रही है। फोकस यह है कि गांवों के सेकेंडरी स्कूलों, छात्र-छात्राओं और शिक्षकों तक ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म, डिजिटल कंटेंट और वर्चुअल क्लासरूम की पहुंच आसान बने। इस योजना में स्कूल-स्तर पर इंटरनेट कनेक्टिविटी और चयनित विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए टैबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे।

किसे मिलेगा लाभ

राज्य/ज़िला शिक्षा विभाग मानकों के आधार पर लाभार्थी तय करेंगे। पहले चरण में सरकारी सेकेंडरी स्कूल, आश्रमशालाएं और दूरदराज़ के ब्लॉकों के विद्यालयों को प्राथमिकता दी जाएगी। छात्र चयन में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, मेधावी, लड़कियों और अनुसूचित श्रेणियों को प्राथमिकता देना प्रस्तावित है।

  • सरकारी सेकेंडरी और उच्चतर माध्यमिक स्कूल
  • आर्थिक रूप से कमजोर और दूरदराज़ क्षेत्रों के विद्यार्थी
  • स्कूलों के शिक्षक और ICT लैब उपयोगकर्ता

क्या-क्या मिलेगा

स्कूलों को हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड/FTTH, वाई-फाई और स्मार्ट-क्लास सपोर्ट दिया जाएगा। छात्रों को प्रीलोडेड ई-बुक्स, अभ्यास सामग्री, ऑफलाइन मोड सपोर्ट और एकेडमिक ऐप्स के साथ टैबलेट मिलेंगे, ताकि नेटवर्क कमजोर होने पर भी पढ़ाई प्रभावित न हो।

  • फ्री टैबलेट: प्रीलोडेड ई-बुक्स, वीडियो लेक्चर, परीक्षा अभ्यास
  • फ्री/सब्सिडाइज्ड इंटरनेट: स्कूल वाई-फाई और चयनित लाभार्थियों के लिए डेटा
  • डिजिटल क्लासरूम: कंटेंट लाइब्रेरी, LMS और शिक्षकों के लिए ट्रेनिंग

पात्रता और जरूरी दस्तावेज

छात्रों के लिए मूल पात्रता में सरकारी स्कूल में नामांकन, न्यूनतम उपस्थिति और स्थानीय मानकों के अनुसार आर्थिक/श्रेणी प्रमाण सम्मिलित हो सकते हैं। विद्यालयों के लिए UDISE कोड और बुनियादी ICT सेटअप/बिजली की उपलब्धता प्राथमिक शर्त रहेगी।

  • छात्र: स्कूल आईडी/बोनाफाइड सर्टिफिकेट
  • परिवार/आय प्रमाण: राशन कार्ड/आय प्रमाण (जहां लागू)
  • टीचर/स्कूल: UDISE कोड, ICT कक्ष/विद्युत सुविधा

आवेदन और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया

आवेदन प्रक्रिया सरल और मोबाइल-फर्स्ट रहेगी ताकि ग्रामीण इलाक़ों में पंजीकरण सहज हो। ग्राम पंचायत/स्कूल स्तर पर कैंप के माध्यम से ई-KYC और सत्यापन किया जाएगा। चयन उपरांत टैबलेट वितरण स्कूलों में आयोजित ड्राइव्स से किया जाएगा, वहीं इंटरनेट कनेक्शन हेतु स्कूलों में FTTH/वाई-फाई सक्रिय किया जाएगा।

  • स्टेप 1: स्कूल/ब्लॉक पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन
  • स्टेप 2: छात्र सूची अपलोड और ई-KYC
  • स्टेप 3: पात्रता सत्यापन और स्वीकृति
  • स्टेप 4: टैबलेट वितरण व इंटरनेट एक्टिवेशन

टैबलेट स्पेसिफिकेशन और सपोर्ट

डिवाइस स्पेसिफिकेशन को ग्रामीण उपयोग के अनुरूप रखा जाएगा—लंबी बैटरी, मजबूत बॉडी, लोकल भाषाओं का सपोर्ट और ऑफलाइन कंटेंट। इसके साथ वारंटी, सर्विस कैंप और डैमेज-प्रोटेक्शन (स्कूल कवर) जैसे उपाय शामिल किए जाएंगे।

  • 8–10 इंच डिस्प्ले, 4GB/64GB या बेहतर
  • लंबी बैटरी लाइफ, रग्ड केस, स्क्रीन प्रोटेक्टर
  • प्रीलोडेड कंटेंट, कीओस्क/पैरेंटल कंट्रोल

इंटरनेट कनेक्टिविटी कैसे मिलेगी

स्कूलों में ब्रॉडबैंड/FTTH, राउटर और कैंपस वाई-फाई लगाकर कंप्यूटर रूम/लाइब्रेरी को डिजिटल हब बनाया जाएगा। जहां फाइबर पहुंचना चुनौतीपूर्ण है, वहां वैकल्पिक बैकहॉल (4G/5G/VSAT) और कम्यूनिटी वाई-फाई हॉटस्पॉट के विकल्प अपनाए जाएंगे।

  • FTTH/ब्रॉडबैंड: स्कूल परिसर तक
  • वाई-फाई: कक्षा, लैब, लाइब्रेरी में कवरेज
  • बैकअप: वैकल्पिक नेटवर्क/पावर समाधान

शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण

टीचर्स को डिजिटल पेडागॉजी, कंटेंट क्यूरेशन और असाइनमेंट/एसेसमेंट टूल्स पर चरणबद्ध प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे ब्लेंडेड लर्निंग, रिमेडियल सपोर्ट और व्यक्तिगत सीखने की गति के अनुसार पढ़ाई संभव होगी।

  • LMS और ई-कंटेंट का उपयोग
  • आकलन टूल्स और डेटा-आधारित फीडबैक
  • कक्षा में स्मार्ट बोर्ड/प्रोजेक्टर इंटीग्रेशन

सुरक्षा और जिम्मेदार उपयोग

डिवाइस में चाइल्ड-सेफ्टी, कंटेंट फिल्टरिंग और समय-सीमा आधारित उपयोग सेटिंग्स होंगी। साइबर सुरक्षा जागरूकता सत्र और अभिभावक-शिक्षक बैठकें नियमित कराई जाएंगी ताकि जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार विकसित हो।

  • कंटेंट फिल्टरिंग और सुरक्षित ब्राउजिंग
  • डेटा प्राइवेसी और डिवाइस लॉक/ट्रैकिंग
  • अभिभावक नियंत्रण और उपयोग दिशानिर्देश

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या सभी छात्रों को टैबलेट मिलेगा?—पहले चरण में प्राथमिकता समूहों को दिया जाएगा, बाद में विस्तार होगा। क्या इंटरनेट घर पर भी चलेगा?—स्कूल वाई-फाई प्राथमिक है; चयनित छात्रों को सीमित अवधि के लिए डेटा पैक दिए जा सकते हैं (राज्य मानकों पर निर्भर)। डिवाइस खराब हो जाए तो?—निर्धारित वारंटी/सर्विस कैंप के तहत मरम्मत/बदलाव होगा।

घटकमुख्य प्रावधान
लाभफ्री टैबलेट + स्कूल वाई-फाई/ब्रॉडबैंड
लाभार्थीसरकारी सेकेंडरी स्कूल, प्राथमिकता छात्र
आवेदनस्कूल/ब्लॉक पोर्टल, ई-KYC
डिवाइस8–10" स्क्रीन, प्रीलोडेड कंटेंट, वारंटी
कनेक्टिविटीFTTH/वाई-फाई, वैकल्पिक बैकहॉल विकल्प

निष्कर्ष

यह पहल गांवों में डिजिटल शिक्षा की खाई पाटने की दिशा में बड़ा कदम है। फ्री टैबलेट, भरोसेमंद इंटरनेट और प्रशिक्षित शिक्षक—इन तीन स्तंभों पर टिके इस मॉडल से बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी, करियर गाइडेंस और स्किल-आधारित लर्निंग सब कुछ एक क्लिक पर संभव होगा।